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लॉकडाउन के तनाव को कम करने में उपयोगी होंगे अनुलोम विलोम और भ्रामरी प्राणायाम

Anulom vilum and Bhramari Pranayam will be useful in reducing the stress of lockdown

कोराेना वायरस से जुड़ी खबरें और घर में रहते हुए बदली दिनचर्या की वजह से तनाव होना स्वाभाविक है। अगर आप भी स्ट्रेस फील कर रहे हैं तो ये दो प्राणायाम करें। इसके और भी कई फायदे हैं।

अनुलोम विलोम प्राणायाम
  • अनुलोम विलोम प्राणायाम

विधि : सुखासन या पद्मासन में बैठें। अपने बाएं हाथ को बाएं घुटने पर रखें। तर्जनी और मध्यमा को दोनों भौहों के बीच में, अनामिका और छोटी उंगली को नाक के बाएं नासिका पर, और अंगूठे को दाहिनी नासिका पर रखें। अपने अंगूठे को दाईं नासिका पर रखकर धीरे से दबाकर, बाईं नासिका से सांस लें। अब बाईं नासिका को अनामिका और छोटी उंगली के साथ धीरे से दबाएं। दाहिने अंगूठे को दाईं नासिका से खोलकर दाईं नासिका से सांस बाहर निकालें। फिर दाईं नासिका से सांस लीजिए और बाईं ओर से सांस छोड़िए। इस तरह नाड़ी शोधन प्राणायाम का एक दौर पूरा हुआ। इस तरह बारी-बारी से दोनों नासिका के माध्यम से सांस लेते हुए 3 से 5 राउंड पूरे करें।

लाभ : अनुलोम विलोम प्राणायाम को नियमित तौर पर करने से फेफड़े मजबूत बनते हैं, एलर्जी की समस्या और सायनस की दिक्कत दूर होती है। शरीर में रक्त का संचार सुधरता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह ब्लड प्रेशर की समस्या को दूर करने में सहायक है। मधुमेह जैसी समस्याएं खत्म हो जाती हैं।

सावधानी : हर सांस छोड़ने के बाद उसी नासिका से सांस भरे जिस नासिका से सांस छोड़ी हो। अपनी आंखें पूरी तरह बंद रखें और किसी भी दबाव या प्रयास के बिना लंबी, गहरी और आरामदायक सांस लेना जारी रखें।

भ्रामरी प्राणायाम
  • भ्रामरी प्राणायाम

विधि : सबसे पहले सुखासन, पद्मासन या सिद्धासन किसी भी एक आसन में बैठ जाएं। अब हल्की सांस अंदर लें। तर्जनी अंगुली से अपने कानों को बंद कर लें। अब एक लम्बी गहरी सांस लें और सांस को छोड़ते हुए तेज स्वर में भिनभिनाने की आवाज निकालें (जैसे मधुमक्खी की आवाज आती है)। इस दौरान मन को शांत रखें। यह पूरा एक चक्र हुआ। इस प्रकार 5 से 10 चक्र पूरा करें। आप उंगली को पुनः दबा या छोड़ सकते हैं।

सावधानी : यदि कान में दर्द या संक्रमण हो तो इस प्राणायाम को नहीं करना चाहिए। भिनभिनाने वाली आवाज निकालते हुए अपने मुंह को बंद रखें। प्राणायाम करते समय अपने चेहरे पर दबाव न डालें और अपने मन को शांत रखें।

लाभ: सभी प्रकार के मानसिक रोग जैसे तनाव, क्रोध, चिढ़चढ़ापन आदि दोष दूर होते हैं।

इससे मन शांत और प्रसन्न रहता है। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, माइग्रेन आदि रोगों में लाभ मिलता है। मन को एकाग्र करने एवं आत्मविश्वास को बढ़ाने में यह प्राणायाम लाभकारी है। अनिद्रा रोग से छुटकारा मिलता है।

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